काजरी में "मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन" पर भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन: महानिदेशक (ICAR) ने दिया संतुलित उर्वरक उपयोग का संदेश
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के तत्वावधान में आज संस्थान परिसर में "मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए उर्वरकों का संतुलित उपयोग" विषय पर एक दिवसीय भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मारवाड़ रतन डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (आईसीआर), नई दिल्ली ने शिरकत की। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी मिट्टी का नियमित परीक्षण करवाएं और केवल जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाएं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ जलवायु परिवर्तन की प्रयोगशाला है | विकसित कृषि ही विकसित भारत का आधार है | साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों की सफलता गाथा का प्रलेखन किया जाना चाहिये ताकि अन्य किसान भी प्रेरित हो सकें | काजरी के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट ने गोष्ठी के मूलभूत उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य कृषक समुदाय को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक खेती की नवीनतम विधियों और टिकाऊ कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। गोष्ठी के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. बी. एस. राठौड़ ने वैज्ञानिकों द्वारा विकसित मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की विभिन्न पद्धतियों, संतुलित उर्वरक उपयोग के वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत कृषि यंत्रों के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी साझा की।
संस्थान निदेशक ने महानिदेशक, आईसीएआर को मेहरानगढ़ ट्रस्ट द्वारा मारवाड़ रतन राव सीहा सम्मान दिये जाने पर बधाई दी तथा कहा कि यह हम सब के लिये गौरब का विषय है