आज अयोध्या में किसान भाई-बहनों के साथ धान की रोपाई की। इस दौरान एक प्रेरक प्रयोग देखने को मिला। रोपाई से पहले खेत में ढैंचा लगाकर उसे मिट्टी में मिला दिया गया, जिससे भूमि और अधिक भुरभुरी, उपजाऊ एवं पोषक तत्वों से भरपूर बनी। हमारी परंपरागत कृषि पद्धतियों में ढैंचा और गोबर की खाद का विशेष महत्व रहा है, लेकिन समय के साथ इनका उपयोग कम होता गया।
यदि हमें अपनी धरती की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना है और आने वाली पीढ़ियों के लिए खेतों को सुरक्षित रखना है, तो हरित खाद, जैविक उपायों और संतुलित खेती को अपनाना होगा। यही खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य है।