खेत बचाओ अभियान का प्रारंभ
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा खेत बचाओ अभियान को राष्टीय स्तर पर आज से शुरू है। इसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ संदीप सरन, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में इस अभियान का प्रारंभ किया गया। आज दिनांक 01-06-2026 को ग्राम- सनैया रानी कुवंर, ब्लॉक भोजीपुरा, बरेली में "किसान एग्रो एफ पी ओ" के सहयोग से किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि खेत को बचाने के लिए खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य को ठीक करना होगा। रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से खेत की मिट्टी खराब हो चुकी है। रासायनिक खादों का खेतों में उपयोग कम करना होगा। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये। इस उद्देश्य के लिए सॉइल हैल्थ कार्ड बनवाए जिससे 12 से 15 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश के प्रभावी उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें । गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग किया जा सकता है । किसानों को चाहिए कि खरीफ फसल से पहले हरी खाद की फसल ( ढैंचा) अवश्य ले। फसलों में रासायनिक खादों का उपयोग कम करके व वैकल्पिक खादों के उपयोग को प्रोत्साहन देकर लाभ बढाया जा सकता है। कार्यक्रम में एफ पी ओ के निदेशक श्री मुकर्रीब हुसैन व सदस्यों, तकनीकी अधिकारी श्री एस आर मीना व श्री अरुण कुमार का विशेष सहयोग रहा।