भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर में स्थापित एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन (ए.बी.आई.) केन्द्र के तत्वावधान में “पोल्ट्री फार्मिंग: आय का साधन” विषय पर ऑफलाइन माध्यम से दिनांक 10 से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ के.एम्.एल. पाठक, पूर्व उप महा निदेशक (पशु विज्ञान), भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली, कार्यकृम के मुख्य अतिथि, डॉ. प्रकाश राव, अध्यक्ष, एन. ऐ. वी.एस., नई दिल्ली एवं संस्थापक और मुख्य प्रबंध निदेशक, प्रकाश फूड्स एवं फीड मिल्स प्राइवेट लिमिटेड; तथा डॉ सुशांत राय, प्रबन्ध निदेशक, रायसन न्यूट्रीशन व पूर्व अध्यक्ष, कर्नाटक पोल्ट्री किसान और ब्रीडर संघ, कर्नाटक कार्यकृम के विशिष्ट अतिथि रहे I समापन कार्यकृम से पूर्व अतिथियों ने एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र, पी.एच.टी. डिवीज़न व डेमो शेड का भ्रमण किया I प्रशक्षण कार्यक्रम में देश के 08 राज्यों—पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली एवं महाराष्ट्र से कुल 35 प्रशिक्षुओं, जिनमें 04 महिला प्रशिक्षु भी शामिल थीं, ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक एवं प्रभारी, एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र डॉ संदीप सरन ने बताया के प्रशिक्षण कार्यकृम में प्रतिभागियों को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक कुक्कुट पालन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत कुक्कुट क्षेत्र में व्यवसाय के अवसर एवं उद्यमिता, वाणिज्यिक ब्रॉयलर एवं लेयर फार्मिंग, देसी मुर्गी पालन, जापानी बटेर, बत्तख एवं टर्की पालन, सर्व-मौसम कुक्कुट आवास प्रबंधन, कुक्कुट मांस प्रसंस्करण, हैचरी की स्थापना, कुक्कुट रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण, जैव सुरक्षा, चारा गुणवत्ता, सरकारी योजनाएं, जैविक कुक्कुट पालन तथा कुक्कुट व्यवसाय से संबंधित पंजीकरण एवं अनुपालनों जैसे विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को संस्थान की विभिन्न इकाइयों एवं प्रदर्शन शेड का भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें कुक्कुट पालन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनुपालन, विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने तथा विभिन्न सरकारी वित्तीय योजनाओं के विषय में भी जानकारी दी गयी। समापन समारोह में कार्यकृम के मुख्य अतिथि डॉ पाठक ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुआ कहा कि पोल्ट्री फार्मिंग बहुत महत्वपूर्ण एवं लाभकारी व्यवसाय है I उन्होने सभी प्रतिभागियों को कुक्कुट क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया I
डॉ प्रकाश राव ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाये दीं I
डॉ सुशांत राय ने एकीक्रत कृषि फार्मिंग को अपनाने के लिए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया I
संस्थान के निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें नवीनतम तकनीकों एवं वैज्ञानिक विधियों पर आधारित कुक्कुट पालन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग करके कुक्कुट पालन को एक लाभदायक एवं टिकाऊ उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक रूप से उपयोग करते हुए कुक्कुट आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया तथा सभी भावी उद्यमियों को अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन समारोह के अवसर पर कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी 35 प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी एवं डॉ. संदीप सरन, प्रधान वैज्ञानिक, पाठ्यक्रम समन्वयक एवं प्रभारी, एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप सरन, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रधान अन्वेषक (पी.आई.), एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र द्वारा किया गया। समापन समारोह में डॉ. जयदीप रोकड़े, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सह-पाठ्यक्रम समन्वयक भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. संदीप सरन ने सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम में धैर्यपूर्वक एवं उत्साहपूर्वक सहभागिता करने के लिए आभार व्यक्त किया तथा उन्हें प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने व्यावसायिक प्रयासों में करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री वैभवी कटरू, वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता (Senior Research Fellow) तथा श्री रघुविंदर कुमार, YP-II (IT) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।