मृदा स्वास्थ प्रबन्धन व संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मृदा स्वास्थ प्रबंधन व संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ जगवीर सिंह त्यागी, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में “मृदा स्वास्थ प्रबंधन व संतुलित उर्वरक के उपयोग” विषय पर आज दिनांक 26-05-2026 को ग्राम- मोहरनिया, रिठौरा व डरूआ पुर ब्लॉक बिथरीचैनपुर, बरेली के किसानों के लिए संस्थान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किसानो को उपरोक्त विषय पर व्याख्यान दिये गए। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व को बताते हुए कहा कि खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य रासायनिक खादों के अधिक प्रयोग से खराब हो चुका है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। किसानों को खरीफ फसल से पहले हरी खाद की फसल लेने की सलाह दी गई। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने को कहा गया क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये। इस उद्देश्य के लिए सॉइल हैल्थ कार्ड बनवाए जिससे 12 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की मात्रा का सही पौधों द्वारा सही उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें । इसके अतिरिक्त गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। डॉ॰ मंजूर अहमद वानी, वैज्ञानिक ने पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग करने की सलाह दी तथा किसानों को पॉल्ट्री बीट से तैयार कम्पोस्ट से फसलों में उपयोग करने पर फसलों पर इसके प्रभाव की जानकारी दी । फसलों में संतुलित उर्वरक के उपयोग पर किसानों को विडियो फिल्म भी दिखाई गई।