खेत बचाओ अभियान किसान गोष्ठी
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ जगबीर सिंह त्यागी, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम. पी. सागर नोडल ऑफिसर- मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में दिनांक 20-06-2026 को आई. सी.ए.आर.-केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली में किसानों के लिए एक किसान गोष्ठी व जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें 7 विकास खंडों के 10 गॉव से (ग्राम मधुनगला, एहलादपुर, भामोर, मोहरनिया, लंगूरा, ढहिया,लाडपुर मुड़िया, सागलपुर, रहमनपुर, बिसारतगंज, जैतपुर) से 97 किसानो, स्वयं सहायता समूह व ग्राम प्रधानों ने भाग लिया। संस्थान के निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी जी ने कार्यक्रम में आई महिलाओ, किसानों, स्वयं सहायता समूह व ग्राम प्रधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इन्टीग्रेटिड फ़ार्मिंग को अपना कर खेत की उर्वराशक्ति को बनाए रखा जा सकता है क्योंकि एक दूसरे उद्यम से प्राप्त अवशिष्टों को खेती में ही प्रयोग किया जा सकता है जिससे आमदनी में भी बड़ोंत्तरी होती है। संस्थान मुर्गी पालन के अतिरिक्त अन्य रोजगार साधनों की जानकारी भी दी व किसानों की आवश्यकता अनुसार उन्हे रोजगार स्थापित करने में सहायता करने का आशवासन दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वी किश्त के बारे में भी किसानों को अवगत कराया। डा. एम.पी.सागर, प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व के उद्देश्य को बताते हुए किसानों को बताया कि किसानों द्वारा फसलों में अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरक का उपयोग किया जा रहा है। इसका खेतिहर भूमि पर इसका बुरा प्रभाव पड रहा है, पैदावार घट रही है उर्वरता में कमी आ रही है और लागत बढ रही है। खेती की लागत कम करने व भूमि सुधार के लिए वैज्ञानिकों द्वारा संतूती की गई मात्रा में रसायनिक उर्वरकों का उपयोग करना होगा। फलस्वरूप लाभ में वृद्धि होगी साथ ही खेत की दशा में भी सुधार होगा। डॉ. संदीप सरन प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को फसलों मे रासायनिक खादों का उपयोग मिट्टी की जांच उपरांत ही करने की सलाह दी तथा सॉइल हैल्थ कार्ड द्वारा मिट्टी की जांच कराये। कार्यक्रम के दौरान किसानों से इस विषय में आ रही समस्याओ पर भी चर्चा की गयी।